पहले गणित फिर समाजशास्त्र का प्रश्नपत्र लीक।गोरखपुर विश्वविद्यालय की नकल विहीन परीक्षा प्रणाली पर उठा बहुत बड़ा सवालिया निशान


न्यूज़ ग्राउंड / गोरखपुर

दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्विद्यालय की आज दिनाँक 17 अप्रैल 2018 को सुबह की पाली में बीए/बी एस सी प्रथम वर्ष का गणित का पेपर था जिसका प्रश्नपत्र पिछली रात सोशल मीडिया पर टहलता हुआ पाया गया।और वो टहलते हुए अपनी प्रमाणिकता सिद्ध करने विश्विद्यालय प्रशासन तक भी जा पहुँचा।जिसके पहुचने पर विश्विद्यालय प्रशासन की तबियत देर रात बिगड़ने लगी और उसके हाथ पैरों में सूजन आने लगी।जिसके कारण विश्वविद्यालय के डॉक्टरों अर्थात वहाँ के प्रशासन ने इस परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय  देर रात ही ले लिया परंतु अब एक बहुत बड़ी समस्या ये आ गयी की परीक्षा निरस्त करने का कारण क्या बताया जाये तो विश्विद्यालय के डॉक्टरों ने अपरिहार्य कारण बता दिया।और ये बोला निरस्त परीक्षा की नई तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी।

इस संबंध में कल 16 अप्रैल एवम 17 अप्रैल की मध्यरात्रि में न्यूज़ ग्राउंड ने कुमार हर्ष सिन्हा जी से बात की जिन्होंने बताया:-

विवि प्रशासन को मीडिया के माध्यम से यह सूचना प्राप्त हुई कि ऐसा कोई प्रश्नपत्र वायरल हो रहा है। इसकी वास्तविकता का परीक्षण कल सुबह परीक्षा प्रारम्भ होने पर ही किया जा सकता था। यदि ऐसा सही पाया जाता तो सैकड़ों विद्यार्थियों को न केवल पीड़ा, कुंठा और निराशा होती बल्कि परीक्षा की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती। ऐसे में शीर्ष स्तर पर यह निर्णय लिया गया कि कल की उक्त परीक्षा निरस्त करके सम्यक जांच कर ली जाए।

परंतु ये क्या देर रात विश्विद्यालय के गणित के प्रश्नपत्र को टहलता देख एक प्रश्नपत्र और बीए द्वितीय वर्ष का समाजशास्त्र का प्रश्नपत्र भी साथ देते हुए सोशल मीडिया पर टहलने लगा।जिसकी परीक्षा आज 17 अप्रैल की द्वितीय पाली में होनी थी।अब बीमारी तो बढ़ चुकी थी तो फिलहाल विश्विद्यालय के पास निसको भी निरस्त करने के अलावा और कोई चारा नही बचा।जिसको आज सुबह होते होते निरस्त कर दिया गया और सभी महाविद्यालयों को ये आदेश दिया गया कि समाजशास्त्र का सील्ड पेपर विश्विद्यालय को वापस कर दिया जाए।

अब फिलहाल जहाँ एक और विश्विद्यालय इस वर्ष नकलविहीन और साफ सुथरी परीक्षा होने का दावा कर रही तो वही इतनी साफ सुथरी परीक्षा होने लगी कि होनहार विद्यार्थियों के मन मे ये सवाल तक उठने लगा है कि कही 2 प्रश्नपत्र ही नही सारे ही प्रश्नपत्र दमदार विद्यार्थियों को तो नही मिल जाते।कही विश्विद्यालय की ही थाली में ही छेद तो नही या किसी महाविद्यालय से ये प्रश्नपत्र लीक हुए है फिलहाल राम जी नाव पार लगा ही देंगे।
मगर इस पर कठोर कार्यवाही तो होनी ही चाहिए।जिसके लिए आनन फानन में

प्रतिकुलपति प्रो एस के दीक्षित की अगुआई में जांच समिति गठित कर दी गयी है जिनका कहना है गहन जाँच होगी शीघ्र ही रिपोर्ट आ जायेगी पेपर कहा से लीक हुआ।