मिशन 2019 : आज राहुल करेंगे संविधान बचाओअभियान की शुरुआत आखिर क्या है कांग्रेस की रणनीति

नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड)  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को पार्टी के ‘संविधान बचाओ’ अभियान की शुरुआत करेंगे। यह अभियान पूरे देश में चलाया जाएगा। इसके जरिये पार्टी केंद्र में भाजपा शासनकाल के दौरान हुई संविधान विरोधी और दलित विरोधी गतिविधियों की जानकारी देगी। राहुल गांधी ने अभियान की जानकारी देते हुए ट्विटर पर लिखा कि एससी/एसटी एक्ट में हुए बदलाव के विरोध में दलित भाइयों और बहनों के साथ खड़े होने के लिए और भाजपा/आरएसएस की दलितों के प्रति भेदभाव की नीति को बेनकाब करने के लिए आज तालकटोरा मैदान में ‘संविधान बचाओ’ रैली में शामिल हों। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले लोगों के बीच बेहतर पहुंच बनाने के लिए कांग्रेस 23 अप्रैल से बड़े अभियान की शुरुआत करेगी, इसमें कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूद रहने की संभावना है। यह अभियान दलितों के मसीहा डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल, 2019 तक जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त निकायों के पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता जिला स्तर पर अभियान को गति देने का कार्य करेंगे। अभियान को समाज के कमजोर तबकों खासतौर पर दलितों के बीच ले जाने की कोशिश होगी। कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नितिन राउत के अनुसार जबसे आरएसएस समर्थित सरकार केंद्र की सत्ता में आई है, तभी से संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस इस अभियान के जरिए दलित समुदाय को भी एक संदेश देना चाहती है। पार्टी के एक नेता के मुताबिक, ‘भाजपा सरकार में संविधान खतरे में है। दलित समुदाय को शिक्षा और नौकरियों में अवसर नहीं मिल रहे हैं। कांग्रेस का उद्देश्य इस अभियान के जरिए इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना है। देश भर में अनुसूचित जाति के 17 फीसदी मतदाता हैं और लोकसभा की 84 सीटें इस समाज के लिए आरक्षित हैं।एससी-एसटी समाज कभी कांग्रेस का स्थाई वोटबैंक हुआ करते थे, लेकिन पिछले कई सालों में ये कांग्रेस से अलग हो चुके हैं। राहुल गांधी की कोशिश है कि 2019 लोकसभा चुनाव में दलित समाज एक बात फिर कांग्रेस का वैसा ही साथ दे, जैसा वो पहले देते थे। दलित सम्मेलन के बाद 29 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी ‘हुंकार रैली’ करने वाले हैं।