पुलवामा हमले में बाल बाल बचा गोरखपुर का सीआरपीएफ का जवान

*जनपद गोरखपुर* .……………..….
*(भटहट* ) क्षेत्र के आबादी सखनी का सीआरपीएफ का जवान हुआ घायल

*मैनुद्दीन अली /भटहट से*

*घायल होने के बावजूद परीजन को नही दिया घटना की जानकारी*

*अभी भी पति के घायल होने की खबर से पत्नी है बेखबर*

*बेटी के बर्थडे पर लौटने का वादा करके गया पिता हो गया घायल*

कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुऐ आत्मघाती हमले में गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र का लाल गंभीर रुप से घायल हो गया। जवान के हाथ-पावो पर काफी चोटें आई है। उनका वही इलाज चल रहा है।
घटना के बाद परीजनों से फोन पर वार्ता हुई लेकिन घायल जवान ने घायल होने की बात नही बताई। गृहमंत्री घायल जवानों से मिलने अस्पताल पहूंचे तो सोशल मीडिया पर ये खबर वायरल हो गई।छोटा भाई ने फोटो देख पिता को घटना की जानकारी दी। पिता ने फोन कर घटना के बारे में पूछा तो घायल जवान ने पिता को दिलासा देते हुऐ कहा मैं ठीक हूँ और बिटिया के जन्म दिन पर वापस आऊंगा। खास बात तो यह है कि जवान की पत्नी को पति के घायल होने की खबर भी नही है। परीजनों ने ये बात उसकी पत्नी से छुपा रखा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गुलरिहा थाना क्षेत्र के आबादी सखनी निवासी अवधेश कुमार पुत्र सत्यनारायण कुमार का वर्ष 2011 में सीआरपीएफ के जीडी बटालियन में कांस्टेबल पद पर नियुक्ति हुई थी। प्रशिक्षण शिविर बंगलौर में टेनिंग फाईन करने के उपरांत उसकी प्रथम पोस्टिंग श्रीनगर में हुई थी। वहां से झारखण्ड में स्थानांतरण हो गया पुनः श्रीनगर स्थानांनतरण हुआ है। वृहस्पतिवार को करीब एक बजे माता प्रभावती देबी से फोन पर वार्ता के दौरान बताया कि अपने बटालियन के संघ काफिले के प्रथम बस में सवार हो कर जम्मु से श्री नगर जारहा था। कि रास्ते में आत्मघाती हमला हुआ तो उसमें घायल हो गया।

*गृहमंत्री से मुलाकात का खबर देख घायल होने की हुई जानकारी*
गृहमंत्री राजनाथ सिंह घटना के बाद श्रीनगर हास्पिटल में घायल जवानों से मिलने गये तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद घायल जवाब का छोटा भाई अमित कुमार घायल भाईक फोटो देख आवक रह गया। इसकी जानकारी अपने पिता सत्यनारायण को दिया। पिता ने फोन कर पूछा तो घायल बेटे ने सारी बात बताई। पिता के पूछने पर बताया कि आप की तबीयत खराब रहती है इसके नाते सूचना नही दिया कि कहीं आप की तबीयत न बिगड़ जाये और आप बेवजह परीशान होंगे।

*घटना के दिन आठ बजे रात में परीजनों से हुई फोन बात*
घायल जवान के परीजन बताते है कि घटना के दिन करीब एक बजे माता प्रभावती देबी और परीजनों से फोन पर बातचीत हुई थी। घटना की रात करीब आठ बजे भी परीजनों से वार्ता हुई लेनकिन दिलेर जवान ने अपने को ठीक ठाक और हाल खैरियत बताया वहीं अपने घायल होने की बात परीजनों से छिपा लिया।

*घायल जवान की पत्नी को घटना से रखा है बेखबर*

अवधेश का विवाह गत छह मई 2016 में चिलुआताल थाना क्षेत्र के अहिरौली निवासी सुदामा की पुत्री संध्या से हुआ है। परीजनों ने रोने धोने और खामख्वाह परीशान होने के भय से पत्नि संध्या से उसके पति को घायल होने की बात छुपा लिया है। संध्या को अभी नही पता की उसका पति घायल है।

*बेटी के जन्म दिन से पहले लौटने का किया था वादा*
अवधेश व संध्या की एक है जिसका नाम ज्योति है। उसका जन्मदिन गत फरवरी को है। करीब साढे तीन माह पहले 45 दिनों की छूट्टी पर घर आया थे। करीब दो माह पहले ड्यूटी जाते समय बिटिया से उसके दूसरे जन्मदिन से पहले लौटने का वादा कर चले गये।

*अवधेश के कंधे पर नौ परिवार की जिम्मेदारी है*

अवधेश के पिता सत्यनारायण बाल विकास परीयोना में प्रधान सहायक के पद से 31 दिसंबर 2015 में कार्यमुक्त हो गये। अवधेश के तीन भाई और तीन बहन है। तीनो बहनो का विवाह हो गया है। वही बडे भाई आशोक कुमार शहर में रहकर टीईटी की तैयारी कर रहा है उसका विवाह हो गया है इनका भी एक बच्चा वही छोटा भाई पढाई करता है। कुल परिवार है। आर्थिक स्थिति बेहतर नही है।

भटहट —17–02-2018

 

 

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