गोरखपुर: दो दिवसीय भारतीय किसान मोर्चा का भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने किया शुभारंभ…

 

 

 

 

 

 

 

 

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आज दो दिवसीय भारतीय किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने किया| अधिवेशन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किसानों को संबोधित किया lदेश भर से लगभग 3000 से ज्यादा किसान अधिवेशन में शामिल होने आए , कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए किसान प्रतिनिधि को पार्टी के निर्धारित कार्यक्रम याद दिलाए, उन्होंने सोशल मीडिया की ताकत को ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए कहा|

संगठन के महामंत्री ने पुलवामा हमले को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है तो बहुत जल्द ही कुछ बड़ा करेंगे।अलगाववादी पर शिकंजा कसा है,पाकिस्तान के मन में भी डर बन गया है।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए किसान सम्मान समृद्धि योजना का शुभारंभ गोरखपुर से ही किया जाएगा।प्रधानमंत्री के8 मौजूदगी में 2000₹ भेजे जाएंगे और बाकी के 4000 ₹ भी बहुत जल्द ही दो किस्तो में किसानों के खाते में भेज दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि देशभर में 2 मार्च को विजय संकल्प बाइक रैली निकाली जाएगी।उस दिन आप सभी कार्यकर्ता बाइक की सवारी करिये।उस दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक बाइक पर सवार हो कर भाजपा के लिए सहयोग मांगेंगे। उन्होंने ये भी बताया कि 28 फरवरी को प्रधानमंत्री 10लाख से ज्यादा बूथ कार्यकर्ताओं से बात करेंगे।

कर्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में किसानों को बोला मई तक बिल्कुल भी आराम न करे।सभी किसान बहुत ही मेहनती है।आराम करेंगे तो देश को नुकसान होगा।किसानों की भलाई केवल भाजपा ने ही कि है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अपने संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी जम कर निशाना साधा।उन्होंने बोला कि राहुल बाबा बिना कागज हाथ मे लिए रबी और खरीफ की चारो फसलो के नाम तक नही बता पाएंगे।उनको तो ये भी नही पता कि आलू जमीन के नीचे होता है या ऊपर,या आलू फैक्ट्री में होता है।

हमने उनकी जोत घटाकर आँगन तक समेत दी है।कांग्रेस ने किसानों को साहूकारों तक पहुँचने को मजबूर कर दिया है, जबकि भाजपा ने गेहू और धान का समर्थन मूल्य बढ़ा दिया है।
अमित शाह ने बोला कि पाकिस्तान को करारा जवाब सिर्फ भाजपा ही देगी महागठबंधन नही।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ”पहले किसान का यूरिया कारोबार में चला जाता था और उसे यूरिया नहीं मिलता था। किसानों पर लाठियां चलती थीं। कांग्रेस के राज में यूरिया के लिए लाइन लगती थी। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने इसे नीम कोटेड कर दिया। अब कालाबाजारी नहीं हो पाती है।
उन्होंने कहा, ”एक छोटे से प्रयोग ने अरबों-खरबों की कालाबाजारी खत्म कर दी और सरकार का यह प्रयोग किसानों के लिए बहुत लाभप्रद रहा।

शाह ने कहा, ”हमारा देश कृषि प्रधान देश है। हमारे देश की पहचान ही कृषि और किसान हैं। देश की 60 प्रतिशत आबादी कृषि पर ही निर्भर है और देश की जीडीपी का 15 प्रतिशत कृषि क्षेत्र से आता है, किसान के पसीने से आता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों की सहायता राशि बढ़ायी और सहायता की पात्रता भी बढ़ाई है। किसानों को ज्यादा से ज्यादा सहायता मिले, ये प्रयास हमारी सरकार ने किये।

शाह ने कहा कि यूपीए की एक संस्कृति है — झूठ बोलना और बार-बार बोलना। ”राहुल बाबा गांव-गांव जाकर झूठ बोलने का काम कर रहे हैं। मैं राहुल बाबा से पूछना चहता हूं कि कर्नाटक में कितने किसानों का ऋण माफ किया। आपकी सरकार 10 साल तक थी, आपने किसानों के लिए क्या किया।” उन्होंने कहा, ”मैं राहुल बाबा और कंपनी को खुली चुनौती देता हूं कि आंकड़े लेकर मैदान में आ जायें। जिसको चर्चा करनी है करे, भाजपा सरकार ने जितने समर्थन मूल्य से फसल की खरीद की है, इतना मूल्य अन्य किसी भी सरकार ने नहीं दिया।”

शाह ने कहा, ”आजादी के बाद पांच साल के कार्यकाल में कृषि बजट में 80 फीसदी तक की वृद्धि करने का काम केवल और केवल मोदी सरकार ने किया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस सरकार थी, तो उसने तीन करोड़ किसानों का 53 हजार करोड़ रुपये का ऋण माफ़ किया। अब मोदी जो योजना लेकर आये हैं, वह देश के 13 करोड़ किसानों के लिए है। इसके अंतर्गत प्रति वर्ष 75 हजार करोड़ रुपये किसानों को दिए जायेंगे।

इससे पहले शाह ने लखनऊ में सहकारिता सम्मेलन में कहा, ”उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा जो सपा-बसपा सरकार में चरमरा गया था, आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तेजी से मजबूत हो रहा है।” उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसानों की आय दोगुना करने वाला प्रधानमंत्री देश को मिला। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका लक्ष्य 2022 का रखा है।

शाह ने कहा कि सोनिया-मनमोहन की सरकार के समय सहकारिता के माध्यम से किसानों को मात्र 23,635 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन मोदी सरकार द्वारा सहकारिता के माध्यम से 73,051 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गयी। उन्होंने कहा कि सहकारिता समितियों के माध्यम से किसानों को ज्यादा दाम दिलाने का काम नरेंद्र मोदी की सरकार कर रही है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय भी शामिल हुए।

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