लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर हादसे को लेकर बुलाई गई आपातकालीन बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। अपने संबोधन में सबसे पहले सीएम योगी ने मीडिया बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई मौतों के आकड़ों को लेकर मीडिया के आकड़ों पर ही प्रश्नचिह्न लगा दिया। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वह इस मामले में सही आकड़ें पेश करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से नहीं बल्कि अन्य बीमारियों की वजह से हुई। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन भी मौजूद थे।

 

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा गोरखपुर हादसा संवेदनशील मामला है। इस मामले पर प्राधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी काफी चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने घटना पर सभी तरह की मदद का आश्वासन दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और अनुप्रिया पटेल स्थिति पर निगाह रखने के लिए प्रधानमंत्री के निर्देश पर गोरखपुर आए हैं।

इस दौरान सीएम योगी ने बच्चों की मौत के आकड़ें भी पेश किये। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त को कुल 9 मौतें, 8 अगस्त को कुल 12 मौतें, 9 अगस्त को कुल 9 मौतें, 10 अगस्त को 23 मौतें और 11 अगस्त को कुल 11 बच्चों की मौतें हुई। हालांकि उन्होंने कहा कि ये सभी मौतें अलग-अलग कारणों की वजह से हुई थी। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि किस दिन कितने बच्चों की मौत किस बीमारी की वजह से हुई थी।

इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि ऑक्सीजन की वजह से बच्चों की मौत एक जघन्य कृत है। इस मामले की जांच होगी और जो भी दोषी होगा उसे बिलकुल भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया ने बताया कि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी को इसका ठेका पिछली सरकार में दिया गया था। सप्लायर की भूमिका की जांच के बारे मुख्य सचिव को आदेश दिया गया है। सही तथ्यों को अगर रख पाएंगे तो मानवता के लिए बेहतर होगा। ऑक्सीजन की कमी से अगर मौत हुई है तो ये जघन्य है। 9 अगस्त को मेरे साथ चिकित्सा शिक्षा मंत्री भी गए थे।

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